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खैर । शासन के द्वारा खैर मे बाइपास के प्रस्ताव को हरी झण्डी दि है। जो कि नयावास नहर पुल से लेकर चमन नगरीया तक बनना तय है। बाइपास के लिये 22 हेक्टर भूमि की आवश्यक है। जिसके लिये राजस्व विभाग के द्वारा बाइपास के लिये चिन्हाकन भी कर दिया गया है। जिला प्रशासन के द्वारा बाइपास के लिये किसानो से भूमि को खरीदना है। जिस पर किसान सर्किल रेट पर भूमि को नही बेच रहे है। किसानो से वार्ता करने के लिये एस.डी.एम ने तहसील सभागार मे किसानो की बैठक को बुलायी थी। जिसमे किसानो ने सर्किल रेट पर अपनी भूमि देने से साफ मना कर दिया।
नयावास नहरपुल से लेकर नमन नगरिया तक बाइपास का निर्माण होना है। बाइपास मे 22 हेक्टयर भूमि की आवश्यकता है। जिसमे लगभग 600 किसान की भूमि को खरीदा जायेगा। राजस्व विभाग के द्वारा बाइपास का चिन्हाकन कर बाइपास के बीचो-बीच पिलर लगा दिये है। राजस्व विभाग के द्वारा जो पिलर लगाये गये है उस पिलर से 30-30 मीटर दोनो ओर बाइपास का निर्माण होना है। बाइपास की प्रकिृया पूर्ण हो गयी है। पूर्व मे लेखपालो की हडताल के चलते कार्य मे देरी हुयी थी। जिला प्रशासन के द्वारा किसानो की भूमि को सर्किल रेट पर खरीदा जाना है। सर्किल रेट पर किसान अपनी भूमि को सर्किल रेट पर बेचने को तैयार नही है। प्रशासन के द्वारा किसानो से अपनी भूमि ब्रिकी करने के लिये स्वयंघोषणा पत्र को भरवाया था। जिसे किसानो के द्वारा भरने से मना कर दिया।
किसानो से खुद वार्ता करने के लिये मंगलवार को एस.डी.एम अंजुम बी के द्वारा तहसील सभागार मे किसाने की बैठक कि गयी। जिसमे किसानो की बात को सुना। किसानो के द्वारा सर्किल रेट पर अपनी भूमि देने से मना कर दिया तथा प्रशासन के द्वारा दिये गये स्वयंघोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। एस.डी.एम ने वार्ता के दौरान किसानो को कई गांवो के सर्किल रेटो से अवगत कराया। बाइपास मे नयावास,मानपुर,नगौला,सग्रारामपुर,लोहागढ,चमन नगरीया,कस्वा खैर,बिरौला की भूमि आ रही है। किसानो की मांग को जिले उच्चा अधिकारीओं के समक्ष रखने को कह कर बैठक को समाप्त कर दिया |

INPUT – Amit sharma

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