Visitors have accessed this post 158 times.

रामेश्वर सारस्वत प्रमुख शिक्षाविद रामेश्वर सारस्वत प्रदेश संगठन मंत्री भारतीय नमो संघ/ प्रदेश उपाध्यक्ष राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ उत्तर प्रदेश ने कहा कोरोना वायरस कोविड-19 के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के कारण पिछले 14 मार्च से समस्त विद्यालय 4 माह से बंद पड़े हैं बच्चों के भविष्य पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है !आज के समय में ज्यादातर औद्योगिक इकाइयां खोल दी गई है उद्योग धंधे चालू हो गए हैं! घोषित लोक डाउन के कारण कुछ छात्र छात्राओं के अभिभावकों के रोजगार भी प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुए हैं !तथा ऐसे छात्रों के अभिभावकों को शुल्क जमा किए जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है !इस संबंध में शासन द्वारा 27 अप्रैल 2020 के निर्देशानुसार समस्त बोर्डों के विद्यालयों द्वारा शैक्षणिक सत्र 2020 -2021 के लिए शुल्क वृद्धि न की जाए! तथा शैक्षणिक सत्र 2020 2021 में नए प्रवेश तथा प्रत्येक कक्षा हेतु लागू की गई शुल्क ही ली जाए जो गत साल की ही अनुसार होनी चाहिए ! अभिभावक अब भी स्कूलों की फीस जमा नहीं करा रहे हैं जबकि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा भी यह साफ कर दिया गया कि सरकार द्वारा कोई भी फीस माफी का आदेश नहीं है इसलिए सभी को फीस जमा करनी होगी यदि किसी अभिभावक को कोई समस्या है तो वह अपने बच्चों के स्कूल जाकर कार्यालय में मिले इस समय स्कूलों की आर्थिक स्थिति बहुत ही दयनीय है स्कूल कहां से टीचर्स कर्मचारियों का वेतन दें विद्यालय के भी अन्य खर्चे हैं! इस समस्या का हल अभिभावक और विद्यालय प्रशासन को ही हल करना होगा! 20 जून को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि निजी स्कूलों विद्यार्थियों की फीस माफ करेंगे ऐसा कोई आदेश सरकार द्वारा नहीं दिया गया इस बुरे वक्त में एक दूसरे का साथ देना चाहिए और समस्या का हल निकल सके |

INPUT – Buero report

यह भी पढ़े : जाने क्यों शव यात्रा मे राम नाम का नारा लगाया जाता है।

अपने क्षेत्र की खबरों के लिए डाउनलोड करें TV30 INDIA एप

http://is.gd/ApbsnE

sasni new wave