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आज हमारे देश मे कोरोना महामारी मे जहाँ एक ओर सरकार व समाजसेवी संस्थाएं लोगो की मदद कर रही है। वही रेलवे विभाग मे स्टेशन मे तैनात कर्मचारी आपदा को अवसर के रूप मे भुनाने मे कोई कसर नही छोड़ रहे। धड़ल्ले से खुलेआम रिश्वत लेकर तत्काल टिकटो की बुकिंग की जा रही है।

फिलहाल यात्री अरविंद निवासी ग्राम मांगरोल नामक व्यक्ति ने आरोप के मुताबिक रेलवे स्टेशन मे पहुंचकर बताया कि पिछले 8 दिनो से तत्काल रिजर्वेशन टिकट के लिए टोकन लेने के लिए जा रहा है मगर उसको टोकन नही मिल रहा है। उसने बताया की टोकन देने वाले साहिब 500 रुपए रिश्वत मांगते है।

दरअसल मामला कालपी रेलवे स्टेशन का है। सरकार के द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार बिना रिजर्वेशन कराए यात्रा सम्भव नही है, यह गाइडलाइन जारी होते ही मानो रेलवे स्टेशन मास्टरो की लॉटरी निकल पड़ी। कालपी रेलवे स्टेशन मे ड्यूटी कर रहे आटा निवासी स्टेशन मास्टर साहब द्वारा शाम 4:00 बजे से रात्रि 12:00 बजे तक तत्काल टिकट के लिए टोकन देने पर भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा पार करते हुए खुले आम प्रति तत्काल टिकट 500 से 1000 रुपये तक की रिश्वत ली जा रही है। जिससे यात्री परेशान हैं। आधी रात को यानी 12 बजे रेलवे स्टेशन की खिड़की पर टोकन लेने के लिए भ्रष्टाचार का काला खेल शुरू होता है। फिर लगती है स्टेशन मास्टर की बोली जो सर्वाधिक रुपये मे स्टेशन मास्टर को खरीद लेता है,उसी का टोकन नंबर 1 दे कर सुबह तत्काल टिकट जारी कर दिया जाता है। यह खेल बीते काफी दिनो से बदस्तूर जारी है, जो कि रेलवे के उच्चाधिकारियो से बचकर लॉकडाउन से निरन्तर रात के अंधेरे मे खेला जाता है। अब देखना यह होगा कि आखिर रेलवे कब ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियो पर नकेल कसने मे कामयाब होता है।
अंत मे स्टेशन मास्टर ने इन सभी आरोपो को खारिज किया।

INPUT – योगेश द्विवेदी