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हाथरस : जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष, सुनील कुमार सिंह-प्रथम के निर्देशानुसार जिला कारागार, अलीगढ़ का निरीक्षण एवं जिला कारागार, अलीगढ़ में बंदियों के मध्य जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस के तत्वावधान में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन चेतना सिंह, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस की अध्यक्षता में किया गया।सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने शिविर में उपस्थित बन्दियों को जानकारी देते हुये बताया कि महिलाएं अपनी प्रतिभा के दम पर आज हर क्षेत्र में बड़े अच्छे ओहदे पर काम कर रहीं हैं। शायद ही कोई काम ऐसा हो जिसमें औरतों की भागीदारी न हो। वह अपने करियर को लेकर गंभीर रहती हैं। उनमें अपनी मेहनत और काबलियत के दम पर आगे बढ़ने की ललक होती है। ऐसे में महिलाओं के अपने अधिकारों के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है ताकि समय आने पर वह अपने उन अधिकारों का इस्तेमाल कर सके जो उन्हें भारतीय कानून द्वारा दिए गए हैं। कोई महिला अगर घरेलू हिंसा का शिकार हो रही हैं तो इसके लिए वह शिकायत दर्ज करवा सकती है। भारतीय कानून के अनुसार मां-बेटी, मां, पत्नी, बहू या फिर घर में रह रही किसी भी महिला पर घरेलू हिंसा करना अपराध है। रेप पीडित किसी महिला को मुफ्त में कानूनी मदद पाने का अधिकार दिया गया है। इस स्थिति में पुलिस थानाध्यक्ष के लिए जरूरी है कि वह लीगल सर्विस अथॉरिटी को सूचित करके उसके लिए वकील की व्यवस्था करें। उन्होंने महिलाओं के प्रति बनाये गये विभिन्न कानूनों की जानकारी देते हुये कहा कि उनकी रक्षा के लिये कानून बनाये गये, जिससे हमारे देश की माता बहिनें सुरक्षित रह सकें। उनका आज देश में तमाम कानूनों के रहते हुये हमारे मध्य आपसी प्रेमभाव, भाईचारा व सद्भावना की आवश्यकता है। सभी को कानून का पालन करना चाहिये। विधिक सेवा कार्यक्रम राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उच्चतम न्यायालय के दिशा निर्देशों के अन्तर्गत संचालित किये जा रहे है। उन्होंने आगे बताया कि यदि किसी बन्दी के मुकदमें में उनकी पैरवी हेतु अधिवक्ता नही है तो वह एक प्रार्थना पत्र कारागार, अधीक्षक के माध्यम से सम्बन्धित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रार्थना पत्र देकर निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकती है।
इसके अतिरिक्त सचिव द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों की जानकारी देते हुये बताया कि प्रत्येक प्रकार के दीवानी, फौजदारी(शमनीय) वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर कराना, साक्षरता शिविरों के माध्यम से जनता को प्राधिकरण के उद्देश्यों की जानकारी देना, लोक अदालतों का आयोजन करना, गरीब एवं पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना है।
इसी क्रम में आज जिला कारागार, अलीगढ़ का निरीक्षण चेतना सिंह, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस द्वारा किया गया। निरीक्षण के समय कारागार में निरूद्ध बंदियों से उनकी तारीख पेशी एंव भोजन के सम्बन्ध में जानकारी की गयी तथा बन्दियों हेतु बनाये जा रहे भोजन को देखा गया इसके अतिरिक्त बीमार निरूद्ध बन्दियों से कारागार चिकित्सालय में बन्दियों से उनके स्वास्थय के बारे में एंव उनको दी जाने वाली दवाओं के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी ली गयी। निरीक्षण के समय प्रमोद कुमार सिंह जेलर, द्वारा अवगत कराया गया कि निरूद्ध बन्दियों को अपने घर पर बात करने हेतु पी0सी0ओ0 लगा हुआ है जिसमें दस फोनों की व्यवस्था की गयी है। जेल में साफ-सफाई सही अवस्था में पायी गयी। किसी बन्दी द्वारा कोई समस्या नहीं बतायी गयी। सभी बन्दियों के मास्क लगे हुये पाये गये। इसके अतिरिक्त कोरोना महामारी के चलते हुये सैनेटाईजर एंव मास्क की समुचित व्यवस्था रखने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया गया। शिविर में उपस्थित महिला एवं पुरूष बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस की ओर से पम्पलेट्स वितरित किये गया। जिसमें जेलर प्रमोद कुमार सिंह, डिप्टी जेलर अनिल कुमार, आफताव अन्सारी एवं आदि की उपस्थिति में किया गया।

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