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सिकंदराराऊ : दि ग्लोबल इण्डिया शिक्षा समिति द्वारा शहर में संचालित ग्लोबल कम्प्यूटर इंस्टीटयूट पर इंस्टीटयूट के विधार्थियों ने वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई जी के जन्म दिवस को मनाया एवं उनके द्वारा किये गए जीवन भर के संघर्षों को याद करते हुए विद्यार्थियों ने कविता व कहानियां सुनाई। कार्यक्रम में निशा यादव को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर संस्था द्वारा सम्मानित किया गया।
इंस्टीटयूट के संचालक अवनीश यादव ने बताया कि माँ झांसी की रानी का जीवन बहुत ही संघर्षों से भरा हुआ था। उन्होंने तात्या जी को अपना गुरू बनाकर अंग्रेजों से लोहा लेने के लिए हर तरह की युद्ध कला सीखी व अंग्रेजों का डटकर सामना किया। शादी के बाद से ही उनके जीवन में अनेकों कठिनाइयां आने लगी थी। उनके पति महाराज गंगाधर राव पर जब परिवार व अंग्रेजों द्वारा पल पल पर छल होने लगा तो महारानी से सहन न हो सका और उन्होंने अपने जीवन में सीखी हुई युद्ध कला से क्रान्तकारी सेना बनाकर दुश्मनों का डटकर सामना किया। अंत समय आने पर उन्होंने स्वयं को भारत माँ के चरणों में स्थान ले लिया। आज भी उनके ओजपूर्ण विचार हर वर्ग, जाति और धर्म के लोगों को प्रेरित करते रहते हैं। उनकी इसी प्रभावशाली आभा और दुनिया में भारत की एक अलग पहचान बनाने के लिए देश उन्हें उनकी जयंती पर नमन करता है। आज के समय में हर नारी जाती को उनके विचारों को ध्यान में रखते हुए अपने जीवन का एक लक्ष्य निर्धारित करके आगे बढ़ाना चाहिये।
इस अवसर पर मीना पुण्ढ़ीर व अर्चना यादव , इंस्टीटयूट की छात्रा रश्मी, प्रगति, चांदनी, नेहा, पूजा, रीतू, आकांछा, मुश्कान, समरीन निशा, लक्ष्मी, मनीषा, भारती, निशा यादव, अवनेश कुमार, अंकित कुमार, तरुण परासर, रंजीत, अनंतदेव, उत्कृष पाठक आदि विद्यार्थी उपस्थित रहे।

vinay

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