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सिकंदराराऊ : मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने कभी मर्यादा भंग नहीं की, इसी लिए भगवान राम का नाम मर्यादा पुरुषोत्तम राम के नाम से जाना जाता है । उनके आदर्शों पर चलकर हम सभी को सीख लेनी चाहिए। जिससे पूरे ब्रह्मांड का भला हो सके।
उक्त बाते मंडी गांधीगंज स्थित रामलीला मंच पर डिजिटल रामानंद सागर कृत रामलीला का पूजा अर्चना एवं फीता काट कर उद्घाटन करते समय टैगोर इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधक किशनवीर सिंह ने कहीं । श्री यादव ने कहा कि विपत्ति एवं विकट परिस्थितियों में भी भगवान राम ने कभी मर्यादा को नहीं लांगा था। यहां तक कि समुद्र पर सेतु बनाने के लिए उनके भ्राता को गुस्सा आया था लेकिन समुद्र ने उस समय आकार रास्ता दिखाया। भगवान राम ने अपने पिता दशरथ को दिया वचन निभाया था तथा 14 वर्ष का बनवास वर्ण किया था ।
उल्लेखनीय है कि सिकंदराराऊ के इतिहास में प्रथम बार डिजिटल राम लीला हो रही है । इससे पूर्व जब से रामलीला की शुरूआत हुई तबसे कलाकारों द्वारा ही प्रस्तुत की जाती थी ।
इस अवसर पर अध्यक्ष निधीस राज वार्ष्णेय, रोहित माहेश्वरी , अजय चौधरी ,विशाल दरगढ़ ,विशाल राज चौहान, संतोष पौरुष, वैभव गुप्ता , रामदास बाल्मिक , सुनील गुप्ता, अभिषेक वार्ष्णेय, श्याम मूर्ति वार्ष्णेय, अजय जादौन, मुकुल गुप्ता, संजीव महाजन, सुरेंद्र सहाय व रंजीत पौरुष, शिवचरण माहेश्वरी रामलीला कमेटी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

INPUT – VINAY CHATURVEDI

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