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सिकंदराराऊ : पुलिस ने कार्यक्रम आयोजक मुख्य सेवादार एवं अज्ञात सेवादारों के खिलाफ कोतवाली में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
पोरा पुलिस चौकी प्रभारी उप निरीक्षक बृजेश पांडेय ने रिपोर्ट लिखाई है कि सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव फुलरई मुगलगढ़ी के मध्य जीटी रोड के पास जगतगुरु साकार विश्व हरि भोले बाबा के सत्संग के आयोजन का कार्यक्रम प्रस्तावित था। जिसके आयोजन कर्ता मुख्य सेवादार देव प्रकाश मधुकर पुत्र राम सिंह निवासी न्यू कॉलोनी दमदपुरा सिकंदराराऊ एवं अन्य सेवादार सहयोगी थे। आयोजन कर्ताओं द्वारा उक्त संगठन के पूर्ववर्ती कार्यक्रमों में जुटने वाली लाखों की भीड़ की स्थिति को छुपाते हुए कार्यक्रम में करीब 80000 की भीड़ इकट्ठा होने की अनुमति मांगी गई । इसके दृष्टिगत पुलिस प्रशासन द्वारा एकत्रित होने वाली भीड़ की सुरक्षा, शांति व्यवस्था एवं यातायात प्रबंधन किया गया किंतु उक्त कार्यक्रम में सम्मिलित होने हेतु प्रदेश के विभिन्न जनपदों एवं निकटवर्ती प्रदेशों से लगभग ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ इकट्ठी हो गई जिसके कारण एवं आयोजक द्वारा अनुमति की शर्तों का पालन न किए जाने के फल स्वरुप जीटी रोड पर यातायात अवरुद्ध हो गया। जिसे ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सामान्य किए जाने का प्रयास किया जा रहा था कि कार्यक्रम के मुख्य प्रवचन कर्ता सूरजपाल उर्फ भोले बाबा के प्रवचन के उपरांत अपनी गाड़ी में सवार होकर कार्यक्रम स्थल से निकलते समय श्रद्धालु जन महिला ,पुरुष व बच्चों द्वारा उनकी गाड़ी के गुजरने के मार्ग से धूल समेटना शुरू कर दिया गया। कार्यक्रम स्थल से निकल रही लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के दबाव के कारण नीचे बैठे , झुके श्रद्धालु दबने, कुचलने लगे । चीख पुकार मच गई । जीटी रोड के दूसरी ओर लगभग 3 मीटर गहरे खेतों में भरे पानी एवं कीचड़ में कहलाती, भागती भीड़ को आयोजन समिति एवं सेवादारों द्वारा अपने हाथों में लिए डंडों से जबरदस्ती रोक दिया गया जिसके कारण लाखों व्यक्तियों की भीड़ का दबाव बढ़ता चला गया और महिला बच्चे पुरूष दबते चले गए। भगदड़ में लगी चोटों से महिलाओं ,बच्चों व पुरुषों की स्थिति मरणासन्न हो गई। मौके पर मौजूद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा हर संभव प्रयास करते हुए घायल हुए व्यक्तियों को उपलब्ध संसाधनों से अस्पताल भिजवाया गया किंतु आयोजन कर्ताओं एवं सेवादारों द्वारा कोई सहयोग नहीं किया गगया। स गंभीरतम घटना के कारण अनेक लोग घायल हो गए जिनमें से कई लोगों की मृत्यु हो गई है। घायलों को जनपद हाथरस, अलीगढ़ ,एटा के अस्पतालों में उपचार हेतु भिजवाया गया । घटना के संबंध में उच्च अधिकारियों को सूचित करते हुए राहत एवं बचाव कार्य हेतु अतिरिक्त पुलिस बल एवं संसाधनों की मांग की गई । आयोजन कर्ताओं के द्वारा कार्यक्रम में एकत्रित एकत्रित होने वाली भीड़ की संख्या को छुपा कर अत्यधिक लोगों को बुलाया गया था। साथ ही कार्यक्रम स्थल पर यातायात नियंत्रण हेतु आयोजक द्वारा अनुमति की शर्तों का पालन नहीं किया गया । भीड़ के दबाव से भाग रहे, गिर पडकर कुचल रहे लोगों को रोकने तथा इस घटना में घायल हुए व्यक्तियों के मौके पर छूटे कपड़े , जूता , चप्पल को उठाकर निकटवर्ती खेत में फसल में फेंक कर साक्ष्य छिपाया गया । इस प्रकार आयोजकों एवं सेवादारों के उक्त कृत्य से बड़ी संख्या में निर्दोष लोग मारे गए हैं तथा गंभीर रूप से घायल हैं। आयोजक एवं सेवादारों का यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 105/ 110 /126(2 )/223 /238 के अंतर्गत अपराध है।

INPUT – VINAY CHATURVEDI

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