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हसायन के ओएमबी इंटरनेशनल स्कूल में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के निर्देशन में एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विषय विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को विद्यार्थियों के मानसिक, भावनात्मक एवं सामाजिक विकास के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें सकारात्मक एवं सहयोगी शैक्षणिक वातावरण निर्मित करने हेतु सक्षम बनाना था।
कार्यक्रम में मुख्य संसाधन व्यक्ति के रूप में अनुष्का मोना मित्तल, आर्मी पब्लिक स्कूल, आगरा तथा अरुण अग्रवाल, द कैम्ब्रिज स्कूल, टूंडला ने सहभागिता की। दोनों विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता, तनाव एवं चिंता के कारण, भावनात्मक संतुलन, आत्मविश्वास निर्माण तथा कक्षा में सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज के बदलते सामाजिक परिवेश और शैक्षणिक दबाव के कारण विद्यार्थियों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है, जिसे समझना और समय रहते समाधान करना शिक्षकों की प्रमुख जिम्मेदारी है। इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम में हाथरस, फरीदाबाद एवं दिल्ली से पंजीकृत शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सत्रों के दौरान संवादात्मक प्रस्तुतियों, समूह चर्चा, गतिविधियों तथा वास्तविक अनुभवों के माध्यम से शिक्षकों को व्यवहारिक रणनीतियाँ सिखाई गईं। विशेषज्ञों ने बताया कि शिक्षक विद्यार्थियों के व्यवहार में आने वाले परिवर्तनों को पहचानकर उन्हें सही मार्गदर्शन एवं भावनात्मक सहयोग प्रदान कर सकते हैं, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव हो सके।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं सीबीएसई उप जिला प्रशिक्षण समन्वयक दीपक सेंगर ने अपने संबोधन में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में शिक्षा केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं रह गई है। विद्यार्थियों का मानसिक रूप से स्वस्थ, आत्मविश्वासी एवं संतुलित होना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को संवेदनशील, जागरूक एवं प्रभावी मार्गदर्शक बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सीबीएसई द्वारा इस विषय को प्राथमिकता दिए जाने की सराहना की।विद्यालय के निदेशक सुभाष यादव ने कहा कि ओएमबी इंटरनेशनल स्कूल शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के मानसिक, नैतिक एवं सामाजिक विकास को समान महत्व देता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से शिक्षक न केवल अपने पेशेवर कौशल में वृद्धि करेंगे, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में भी सफल होंगे। भविष्य में भी विद्यालय में इस तरह के शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन संजना सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया तथा सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक वातावरण एवं उत्साह के साथ हुआ।
INPUT – YATENDRA PRATAP











