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चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर पं॰ विवेक उपाध्याय ने चुनाव आयोग से स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफा देने की भी अपील की। हाल के दिनों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक स्तर पर सवाल और आरोप सामने आए हैं। पं॰ विवेक उपाध्याय ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, मतदाता सूची, मतदान प्रक्रिया और कथित वोट चोरी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच होनी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से संबंधित रिकॉर्ड, दस्तावेज और आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और नागरिक समाज को उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच करने का अवसर मिल सके। पं॰ विवेक उपाध्याय का कहना है कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर उठने वाले सवालों का तथ्यात्मक जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में किसी अधिकारी या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की। साथ ही कहा कि मतदाता सूची तैयार करने से लेकर मतदान और मतगणना तक चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। पं॰ विवेक उपाध्याय ने कहा कि जनता के मताधिकार से जुड़े किसी भी मामले में स्पष्टता जरूरी है। उन्होंने चुनाव आयोग से उठ रहे सवालों पर जवाब देने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की, ताकि चुनावी प्रक्रिया को लेकर लोगों का विश्वास बना रहे।

INPUT – AMIT SHARMA