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कृषि विज्ञान केंद्र के अंतर्गत डेयरी फार्मिंग एवं पशुधन प्रबंध विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 1से 3 मार्च को ग्राम मगटाई में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पशुपालन द्वारा किसानों की क्षमता में वृद्धि के उद्देश्य से भारत सरकार के डेयरी एवं मत्स्य विभाग नई दिल्ली तथा अटारी कानपुर द्वारा वित्त पोषण से चलाया गया। प्रशिक्षण का उदघाटन केन्द्र के अध्यक्ष डॉ एके सिंह ने किया। डॉ सिंह ने किसानों को पशु पालन अपनाने पर जोर दिया तथा छुट्टा जानवरों के प्रबंधन के विषय में बताया।
इस कार्यक्रम में केंद्र के वैज्ञानिक डॉ सुधीर कुमार रावत ने किसानों को पशुपालन द्वारा आय दुगनी किए जाने के विषय में विस्तार से बताया तथा बताया की। पशुपालन के बिना आय दुगुनी करना संभव नहीं है। प्रशिक्षण में पशुओं के आहार, पोषक तत्व, हरा चारा, साइलेज प्रबंधन तथा पशुओं के रोग के विषय में विस्तार से बताया।
वैज्ञानिक डॉ पुष्पा ने पशुपालन अपनाकर कृषक महिला अपनी आय तथा अपने आहार में दूध की महत्ता और इसके पोषक मूल्य के बारे में अवगत कराया।
केंद्र के वैज्ञानिक डॉ कमलकांत ने पशुओ के उचित रखरखाव तथा आवास का निर्माण कैसे करे और पशुपालन के आय व्यय के बारे में बताया। इस कार्यक्रम में पशुपालन से संबंधित विभिन्न फोल्डर तथा पशु पोषण प्रबंधन पुस्तक का विमोचन किया गया तथा किसानों को मुफ्त में वितरित भी की गई। प्रशिक्षण के अंत में सभी किसानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। यह प्रशिक्षण लगभग 40 किसानों को दिया गया।
जिसमें ग्राम मगटाई के गेंदा सिंह रावत, गुलाब सिंह, ओम प्रकाश, बैरिसला के सरदार सिंह, दाऊध के गोविन्द राम, दर्शना के महेश चन्द्र शर्मा आदि ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
INPUT – VINAY CHATURVEDI
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