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हाथरस जनपद के हसायन क्षेत्र के गांव कानऊ में चकबंदी पैमाइश के दौरान उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक किसान ने कथित तौर पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए किसान को समय रहते पकड़ लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चकबंदी विभाग की टीम पैमाइश के लिए गांव पहुंची थी। इस दौरान किसान सचिन कुमार ने आरोप लगाया कि संबंधित भूमि विवाद का मामला एसओसी (Settlement Officer Consolidation) न्यायालय में लंबित होने के बावजूद पैमाइश की जा रही थी। इसी विरोध में उन्होंने कथित रूप से आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए किसान को आग लगाने से रोक लिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों की वर्दी भी ज्वलनशील पदार्थ से भीग गई, लेकिन उनकी सतर्कता से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद गांव में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों का आरोप है कि चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती जा रही हैं। किसान के भाई धर्मेंद्र प्रताप का कहना है कि उनकी लगभग 16 बीघा मूल जोत को बदलकर कम क्षेत्रफल वाली भूमि आवंटित की जा रही है। उनका यह भी दावा है कि इस संबंध में एसओसी कार्यालय, हाथरस में मामला विचाराधीन है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर नियमों की अनदेखी करने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव कानऊ में चकबंदी को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है और पहले भी कई बार आंदोलन हो चुके हैं। वहीं, ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि किसान के पिता का एक वर्ष पूर्व चकबंदी विवाद के तनाव के दौरान हार्ट अटैक से निधन हो गया था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल इस मामले में चकबंदी विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन की ओर से मामले की जांच और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

INPUT – YATENDRA PRATAP











