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हाथरस : नयाबांस स्थित 1008 श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित धार्मिक प्रवचन में उपाध्याय श्री 108 शिवदत्त जी महाराज एवं मुनि श्री 108 पदमदत्त जी महाराज ने श्रद्धालुओं को आत्मशुद्धि, गुरु के मार्गदर्शन और मोक्ष मार्ग का महत्व समझाया। प्रवचन सुनने के लिए हाथरस के साथ-साथ अलीगढ़ और आगरा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। उपाध्याय श्री शिवदत्त महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जिस प्रकार नगर की कचरा गाड़ी घरों का कचरा साफ करती है, उसी प्रकार संत और मुनि मनुष्य के मन में बसे अहंकार, मोह, क्रोध और अन्य विकारों को दूर करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक मन का कचरा साफ नहीं होगा, तब तक मोक्ष मार्ग की प्राप्ति संभव नहीं है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सही दिशा पाने के लिए गुरु का मार्गदर्शन आवश्यक है। आधुनिक साधन हर स्थान तक नहीं पहुंचा सकते, लेकिन सही मार्ग दिखाने वाला गुरु साधक को उसकी मंजिल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मुनि स्वयं मोक्ष मार्ग के साधक होते हैं और समाज को भी उसी मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम में अलीगढ़ से आए प्रो. पी.के. जैन, सुरेश चंद जैन, अनिल कुमार जैन और पूनम जैन सहित अन्य अतिथियों का नयाबांस कमेटी के अध्यक्ष उमाशंकर जैन, मंत्री यतीश जैन, कोषाध्यक्ष हिमांशु जैन एवं अन्य पदाधिकारियों ने माला और दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान अनिल जैन गुड्डू एवं अमित जैन को आहार चर्या का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जबकि अशोक जैन, वेद बाल पंडित विशाल जैन, अनिल जैन और हिमांशु जैन ने मुनि महाराज का पाद प्रक्षालन किया। आयोजकों ने बताया कि मुनि श्री के आगामी प्रवचन नयागंज स्थित 1008 नेमीनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में जैन समाज के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
INPUT – RAHUL SHARMA











