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हाथरस : आरटीआई कार्यकर्ता एसोसिएशन, हाथरस ने राजमार्गों के किनारे निर्माण नियंत्रण और ध्वस्तीकरण संबंधी नियमों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी हाथरस के माध्यम से सौंपा है। संगठन ने संसद में संशोधित विधेयक लाने और तब तक किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राजीव वार्ष्णेय और जिला महामंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि राजमार्गों के किनारे 40 मीटर और 75 मीटर के दायरे में निर्माण नियंत्रण एवं अतिक्रमण हटाने से संबंधित प्रावधानों के कारण देशभर में किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों के बीच चिंता का माहौल है। ज्ञापन में मांग की गई है कि वर्तमान परिस्थितियों, बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए संसद में एक संशोधित विधेयक लाया जाए। संगठन का कहना है कि जब तक नया कानून लागू नहीं हो जाता, तब तक वर्षों से बसे लोगों के मकानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। आरटीआई कार्यकर्ता एसोसिएशन ने एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और ग्रामीण सड़कों के लिए अलग-अलग एवं व्यावहारिक नियम निर्धारित करने की भी मांग उठाई है। ज्ञापन में कहा गया है कि शहरी और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पुराने वैध निर्माणों को सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 40 या 75 मीटर के दायरे की बाध्यता समाप्त कर न्यूनतम सेटबैक नियम लागू किए जाएं। संगठन ने यह भी मांग की कि भविष्य में नए अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा भू-माफियाओं द्वारा लिए जाने वाले एकतरफा स्टे ऑर्डर पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान किए जाएं। ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री से अपील की गई है कि जनहित, रोजगार और करोड़ों नागरिकों के आवासों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगामी संसद सत्र में आवश्यक संशोधनों के साथ विधेयक पारित कराया जाए तथा तब तक प्रशासन को किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए जाएं।

INPUT – AMIT SHARMA