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हाथरस : उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय में राजभाषा हिंदी पखवाड़े के तहत विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और हिंदी के प्रति अपनी रुचि, रचनात्मकता एवं लेखन कौशल का प्रदर्शन किया। हिंदी पखवाड़े के दौरान हिंदी प्रश्नोत्तरी, हिंदी लेखन सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और बैंकिंग कार्यों में राजभाषा हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग की प्रतिबद्धता जताई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं सम्मान देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। क्षेत्रीय कार्यालय के मुख्य प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के प्रभावी संप्रेषण के लिए हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों से उनकी सहज और स्थानीय भाषा में संवाद स्थापित करने से बैंकिंग सेवाएं अधिक प्रभावी और जनसुलभ बनती हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप मोहन दीक्षित ने हिंदी के बढ़ते वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश के साथ-साथ विदेशों में भी हिंदी बोलने और समझने वालों की संख्या बढ़ रही है। समय के साथ हिंदी का व्यापक विकास हुआ है और यह जनमानस की सहज एवं लोकप्रिय भाषा के रूप में निरंतर विकसित हो रही है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि करीब 125 वर्ष पुरानी एक पुस्तक पढ़ते समय उन्हें उसकी भाषा वर्तमान हिंदी की तुलना में अधिक कठिन लगी। उन्होंने कहा कि आज की हिंदी अपेक्षाकृत सरल और जनसामान्य के लिए सुगम है। बदलते समय के साथ हिंदी में नए शब्दों और अभिव्यक्तियों का समावेश हो रहा है, जिससे यह निरंतर विकासशील भाषा बनी हुई है।

क्षेत्रीय प्रबंधक ने बच्चों को हिंदी का समुचित ज्ञान देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मातृभाषा और राजभाषा का ज्ञान बच्चों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ प्रभावी संवाद के लिए भी सक्षम बनाता है। कार्यक्रम का उद्देश्य बैंक के दैनिक कार्यों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना और अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हिंदी के प्रति रुचि एवं जागरूकता उत्पन्न करना रहा। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए बैंकिंग कार्यों में राजभाषा हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान किया गया।

INPUT – AMIT SHARMA











