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सिकंदराराऊ : दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित रिजर्वेशन रिफॉर्म आंदोलन में शामिल होने जा रहे राष्ट्रीय विप्र एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मित्रेश चतुर्वेदी को पुलिस प्रशासन ने उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया। उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात कर उनकी आवाजाही पर रोक लगा दी गई। विप्र एकता मंच और सहयोगी संगठनों ने पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया है। संगठन का आरोप है कि शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने से रोकना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रदर्शन के अधिकार का उल्लंघन है। हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद मित्रेश चतुर्वेदी ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पुलिस बल और नजरबंदी के जरिए लोकतांत्रिक आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने रिजर्वेशन रिफॉर्म की मांग के साथ यूजीसी के नए कानून पर भी पुनर्विचार किए जाने की मांग उठाई। संगठन की ओर से यूजीसी के नए कानून को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। विप्र एकता मंच का कहना है कि यूजीसी नियमों और आरक्षण नीति पर व्यापक स्तर पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए। विप्र एकता मंच के पदाधिकारियों और सहयोगी संगठनों ने मित्रेश चतुर्वेदी की नजरबंदी समाप्त करने की मांग की है। संगठन ने कहा कि यदि कार्रवाई जारी रहती है तो लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध किया जाएगा।

फिलहाल इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से हाउस अरेस्ट किए जाने के कारणों को लेकर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। खबर से जुड़े आधिकारिक पक्ष और आगे की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

INPUT – NEERAJ GUPTA











