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हाथरस : ऐतिहासिक श्री दाऊजी महाराज मेले को लेकर कांग्रेस के हाथरस जिलाध्यक्ष पं. विवेक उपाध्याय ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मेले की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता के बजाय राजनीतिक भेदभाव और मनमानी दिखाई दे रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष के मुताबिक, वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत हाथरस के प्रमुख राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों को श्री दाऊजी महाराज मेले में आमंत्रित किया जाता रहा है। उनका आरोप है कि इस वर्ष अन्य राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों को निमंत्रण दिया गया, लेकिन कांग्रेस जिलाध्यक्ष को आमंत्रित नहीं किया गया। पं. विवेक उपाध्याय ने कहा कि श्री दाऊजी महाराज का मेला किसी राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हाथरस की सांस्कृतिक पहचान और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा प्रमुख आयोजन है। उन्होंने प्रशासन से मेले में सभी राजनीतिक दलों और वर्गों को समान सम्मान और सहभागिता देने की मांग की। मेले के ठेकों और आवंटनों पर भी उठाए सवाल कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मेले में होने वाले विभिन्न ठेकों, दुकानों के आवंटन, पार्किंग, मनोरंजन और अन्य आयोजनों की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष जांच और स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मेले से जुड़े प्रमुख ठेकों और आवंटनों का सार्वजनिक विवरण सामने आना चाहिए, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही उन्होंने प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष को निमंत्रण नहीं दिए जाने के पीछे क्या कारण रहा। प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग पं. विवेक उपाध्याय ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा कांग्रेस की अनदेखी की जा रही है। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस जिलाध्यक्ष की ओर से लगाए गए हैं। इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की कि दाऊजी महाराज मेले में निमंत्रण से संबंधित स्थिति स्पष्ट की जाए और मेले के प्रमुख ठेकों, आवंटनों तथा आयोजनों की प्रक्रिया की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए। श्री दाऊजी महाराज मेला हाथरस की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्रमुख आयोजन है। ऐसे में मेले की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और सभी पक्षों की सहभागिता को लेकर उठाए गए सवालों पर प्रशासन की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

INPUT – AMIT SHARMA