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हाथरस : दीपावली खुशियों, रोशनी और आपसी प्रेम का त्योहार है। इस पर्व की सार्थकता तब और बढ़ जाती है, जब समाज के जरूरतमंद लोगों के चेहरों पर भी मुस्कान लाई जाए। इसी सेवा और समर्पण की भावना के साथ निस्वार्थ सेवा संस्थान, हाथरस ने इस वर्ष भी जरूरतमंद परिवारों और फुटपाथ पर जीवनयापन करने वाले लोगों के साथ दीपावली का पर्व मनाया। संस्थान के सदस्यों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को उपहार, मिठाई और दीपावली का शगुन भेंट किया।

आठ रूटों में बांटकर चलाया गया सेवा अभियान

निस्वार्थ सेवा संस्थान ने इस सेवा अभियान को व्यवस्थित रूप देने के लिए हाथरस शहर को आठ अलग-अलग रूटों में विभाजित किया था। इसके लिए कई टीमें बनाई गईं, जिनमें संस्थान के कुल 25 सदस्य सक्रिय रूप से शामिल रहे। इन टीमों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में सड़क किनारे, फुटपाथों और बाजारों में छोटी दुकानें लगाकर अपना जीवनयापन करने वाले जरूरतमंद दुकानदारों एवं रेहड़ी-पटरी वालों तक पहुंचकर दीपावली की खुशियां साझा कीं।

पुरुषों को दुशाला और महिलाओं को भेंट की साड़ी

संस्थान की ओर से पुरुषों को सम्मानपूर्वक दुशाला, मिठाई का डिब्बा और दीपावली का शगुन भेंट किया गया। वहीं महिलाओं को साड़ी, मिठाई का डिब्बा एवं दीपावली का शगुन देकर सम्मानित किया गया। संस्थान के सदस्यों ने सभी लोगों से आत्मीयता के साथ मुलाकात कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उपहार पाकर जरूरतमंद लोगों के चेहरों पर खुशी और मुस्कान देखने को मिली। संस्थान के इस प्रयास ने यह संदेश दिया कि त्योहार की खुशियां तभी पूरी होती हैं, जब समाज के प्रत्येक वर्ग को उसमें शामिल किया जाए।

मातृ छाया में बच्चों के साथ मनाई दीपावली

शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्य संपन्न करने के बाद संस्थान के सभी सदस्य मातृ छाया पहुंचे। यहां बच्चों के साथ दीपावली का उत्सव मनाया गया। सदस्यों ने बच्चों को मिठाई और पटाखे वितरित किए तथा उनके साथ समय बिताकर त्योहार की खुशियां साझा कीं। बच्चों के चेहरों पर खिली मुस्कान ने इस आयोजन को और भी यादगार बना दिया।

सेवा और अपनत्व का संदेश दे रहा संस्थान

निस्वार्थ सेवा संस्थान का उद्देश्य केवल जरूरतमंदों को सामग्री उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान, अपनापन और समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का एहसास कराना भी है। संस्थान का मानना है कि त्योहारों की खुशियां समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति आर्थिक परिस्थितियों के कारण खुद को उपेक्षित महसूस न करे।

ये सदस्य रहे मौजूद

इस सेवा अभियान में संस्थान के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, सचिव नीरज गोयल, कोषाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी सीए प्रतीक अग्रवाल, सोशल मीडिया प्रभारी सारांश टालीवाल, सह सचिव निष्कर्ष गर्ग सहित आशीष अग्रवाल, सतेंद्र मोहन, स्वदेश वार्ष्णेय, अवधेश कुमार (बंटी), टेकपाल कुशवाह, दीपांशु वार्ष्णेय, विशाल सोनी, आलोक अग्रवाल, यश वार्ष्णेय, ओम प्रकाश वर्मा, अनन्त वार्ष्णेय, कुलदीप वार्ष्णेय, प्रिंस गोयल, गुरुबर्धन सिंह, हर्षित अग्रवाल, मोहित यदुवंशी, शिवम सोनी, कान्हा एवं सार्थक सिंघल आदि सदस्य उपस्थित रहे। निस्वार्थ सेवा संस्थान की इस पहल ने एक बार फिर साबित किया कि दीपावली का असली उजाला केवल दीपों से नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां बांटने से फैलता है।

INPUT – RAHUL SHARMA