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शहर से लेकर देहात तक आधे से ज्यादा अस्पताल और क्लीनिक अभी भी बंद हैं। इस कारण मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। पहले स्वास्थ्य विभाग ने ही छोटे अस्पताल बंद कराए थे। अब कोई रोक नहीं है फिर भी ये नहीं खोले जा रहे हैं। ज्यादातर पैथोलॉजी और डॉयग्नोस्टिक सेंटर भी बंद होने के कारण जांच कराने में दिक्कत आ रही है।

अस्पताल बंद होने की वजह कोरोना संक्रमण का डर है। शहर में एक के बाद एक 10 अस्पतालों में संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। जिसमें मरीज मिलता, उसे सील कर दिया जाता। इसका नतीजा यह हुआ कि कुछ को छोड़कर अधिकतर अस्पताल बंद हो गए।

अब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) पदाधिकारियों ने पिछले कुछ दिनों में 200 से ज्यादा अस्पताल खुलवाए हैं। खासकर इमरजेंसी सेवाओं में सुधार पर जोर दिया है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में अस्पताल बंद हैं। देहात में स्थिति और ज्यादा खराब है।

1065 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत
स्वास्थ्य विभाग में 1065 चिकित्सकीय संस्थान पंजीकृत हैं। इनमें 484 अस्पताल और 432 क्लीनिक हैं, जिसमें से 43 डेंटल क्लीनिक हैं। आईएमए पदाधिकारियों ने बताया कि इनमें से 274 अस्पताल और 70 पैथोलॉजी-रेडियो डायग्नोसिस सेंटर ही अभी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में बाकी के अस्पताल, क्लीनिक और सेंटर न खुलने से मरीजों को परेशानी हो रही है।

INPUT – mahipal singh