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सेक्‍स को लेकर ये 6 अडवाइस हमेशा सही नहीं होती

सेक्‍स आपकी लाइफ का एक जरूरी हिस्‍सा है, इस बात को नकारा नहीं जा सकता। मगर सेक्‍स को लेकर लोगों के बीच में कुछ आम धारणाएं बनी रहती हैं और जरूरी नहीं है कि ये धारणाएं सभी लोगों पर एक तरह से ही लागू हों। ऐसी 5 अडवाइज, जिनके बारे में सबसे ज्‍यादा डिस्‍कस होता है, आप भी जानिए इन्‍हें..

हैप्‍पी रिलेशन के लिए सेक्‍स की अधिकता जरूरी

इस बात में कोई दोराय नहीं है कि सेक्‍स करने से आपका मूड अच्‍छा होता है और आपके रिलेशन में निकटता बढ़ती है। मगर यह जरूरी नहीं कि जब तक आप अधिक सेक्‍स नहीं करेंगे तब तक आपका रिलेशन अधिक स्‍ट्रॉन्‍ग नहीं होगा। अच्‍छे रिलेशन के लिए सेक्‍स से भी ज्‍यादा जरूरी है एक-दूसरे की फीलिंग्‍स को समझना।

अगर नहीं आता ऑर्गैज्म तो कुछ गलत हो रहा है…

सेक्‍स में भला कौन नहीं चाहेगा कि वो क्‍लाइमैक्‍स तक न पहुंचे। याद रखिए कि ऑर्गैज्म हमेशा क्लिटोरियल स्टिमुलेशन से ही आता है न कि वजाइनल और ऐनल सेक्‍स से। सेक्‍स के दौरान एक तिहाई फीसद महिलाएं प्‍लेजर की बजाए दर्द महसूस करती हैं। जरूरी नहीं कि सेक्‍स के हर सेशन में जी-स्‍पॉट तक ही स्टिमुलेशन पहुंच पाए और आपको बेहतर ऑर्गैज्म हर बार मिले।

अगर आपका वजन ज्‍यादा है तो नहीं मिलेगा सेक्‍स का आनंद

यह सोचना कतई सही नहीं है कि आपका वजन ज्‍यादा है तो आप संतुष्‍ट नहीं हो सकते। ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप और आपका पार्टनर सेक्‍स को कैसे इंजॉय करते हैं।

कम से कम तीन डेट्स के बाद ही करें सेक्‍स

यह कोई यूनिवर्सल रूल नहीं है कि आप अपने पार्टनर के साथ तीन बार डेट पर जाने के बाद ही सेक्‍स कर सकते हैं। हो सकता है कि पहली ही डेट में आप दोनों एक-दूसरे के इतने करीब आ जाएं कि सेक्‍स को लेकर आप दोनों एक-दूसरे के साथ कंफ़र्टेबल फील करें। तो ये पूरी तरह आपकी कॉल है।

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