Visitors have accessed this post 115 times.

देवरिया में सरकारी दस्तावेज में एक व्यक्ति को जीते जी मृत दिखा दिया गया। यही नहीं उसके नाम से श्मशान घाट से दाह संस्कार का प्रमाणपत्र भी जारी करा दिया गया। इस मामले की जानकारी होने पर उक्त व्यक्ति ने जांच कर जिम्मेदारों  के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

नकटापार गांव के गोसाई टोला निवासी स्व.शिवटहल के दो पुत्र रामबचन और रामदेव हैं। रामदेव की पत्नी लक्ष्मीनिया की मौत हो चुकी है। बड़ी बेटी तारा बचपन में ही मर गई थी। रामदेव की इकलौती पुत्री पन्ना है, जिसका विवाह उन्होंने महराजगंज जनपद के सोनाड़ी खास गांव निवासी शंकर से किया है। रामदेव का गांव में करीब 35 कट्ठा खेत है।

घर पर अकेले रामदेव परेशान रहते थे, जिसके चलते करीब नौ माह पूर्व उनकी पुत्री पन्ना अपने घर लेकर चली गई। जहां वह पिता की सेवा करती है। इधर कुटुम्ब रजिस्टर में 25 अगस्त 2017 को रामदेव को मृत घोषित कर दिया गया। इतना ही नहीं बरहज के मुक्तिमार्ग सेवा संस्थान द्वारा गौरा-कटईलवा द्वारा उनके अन्तिम संस्कार का भी प्रमाण जारी करा लिया गया। इसकी जानकारी होने पर रामदेव ने मंगलवार को तहसीलदार के पास पहुंच कर गुहार लगाई। तहसीलदार ने मामले की जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।

खेत बैनामा करने पहुंचे तो खुली पोल 

रामदेव को अपनी जरूरत से कुछ खेत बेचना था। इस सबंध में जब जरूरी प्रक्रिया अपनाने तहसील पर पहुंचे तो उन्हें खुद को कुटुम्ब रजिस्टर में मृत दिखाए जाने की जानकारी मिली। रामदेव के अनुसार कुछ लोग उन्हें मृत दिखा कर उनकी पैतृक संपत्ति हथियाना चाहते थे, लेकिन इसी बीच भेद खुल गया। मंगलवार को रामदेव ने गांव की फूला को 11 कट्ठा जमीन का बैनामा किया।

जांच के बाद होगी कार्रवाई-तहसीलदार

तहसीलदार सूर्यभान गिरि ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। इसकी जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कानूनगो को निर्देश दे दिया गया है। मामले में साक्ष्यों की जांच करने के साथ ही गांव के लोगों का भी बयान लिया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।