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ट्रेनों के विलंबन को लेकर परेशान यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। नया ‘ह्वेयर इज माई ट्रेन एप यात्रियों को सही और सटीक जानकारी देगा। यह एप न केवल ट्रेनों की लोकेशन और स्पीड बताएगा बल्कि यात्रियों को स्टेशन से पहले ही अलर्ट कर देगा। पीएनआर नंबर को भी अपडेट करता रहेगा। कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल पर इस एप को अपलोड कर सकता है।

‘ह्वेयर इज माई ट्रेन एप में ट्रेनों की सभी जानकारी मिलेगी। यात्री घर से स्टेशन के लिए निकलने से पहले इस एप से ट्रेन का लोकेशन ले सकते हैं। निर्धारित बर्थ पर बैठने के बाद यह एप जीपीएस से कनेक्ट हो जाएगा। इसके बाद ट्रेन की गति के साथ यात्री को अपडेट करता रहेगा। गंतव्य स्टेशन के पहले ही यह यात्री को अलर्ट भी कर देगा। इसके लिए एप में स्टेशन का नाम आदि भरना होगा। दरअसल, नवंबर 2017 से ही ट्रेनों की रफ्तार पटरी से उतरी हुई है। रेलवे प्रशासन के लाख प्रयास के बाद भी गाडिय़ां घंटों विलंब से चल रही हैं। ट्रेनें निरस्त भी हो रही हैं। ऐसे में यह एप यात्रियों को राहत पहुंचाने में कारगर साबित होगा।

यात्रियों को अलर्ट करेगा रेलवे का एसएमएस

रेलवे प्रशासन भी विलंब से चल रही ट्रेन के बारे में यात्री को अलर्ट करेगा। एसएमएस के जरिये ट्रेन की जानकारी मिलेगी। रेलवे का अलर्ट सिस्टम अभी दुरंतो और राजधानी सहित भारतीय रेलवे की 1073 ट्रेनों के यात्रियों को ही अलर्ट कर रहा था। अब यह व्यवस्था सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू हो गई है।

वाट्सएप पर भी मिल रही गाडिय़ों की जानकारी

गाडिय़ों की सटीक लोकेशन की जानकारी के लिए भारतीय रेलवे ने वाट्सएप नंबर 7349389104 जारी किया है। यात्री ट्रेन लाइव स्टेशन नाम से इस वाट्सएप नंबर को अपने मोबाइल में सेव कर सकते हैं। इस पर ट्रेन का नंबर भेजते ही उसकी सही लोकेशन का मैसेज मिल जाएगा। इसके अलावा नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) पर भी ट्रेनों की सही जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

आइआरसीटीसी वेबसाइट पर अब लागइन जरूरी नहीं

इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (आइआरसीटीसी) का रेल कनेक्ट एप यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान कर रहा है। वेबसाइट पर अतिरिक्त सुविधा देने के उद्देश्य से आइआरसीटीसी ने अपने नेक्स्ट जेनरेशन टिकटिंग सिस्टम को अपग्रेड किया है। अब यूजर्स को ट्रेन की जानकारी, बर्थों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक जानकारियों के लिए आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर लागइन करना जरूरी नहीं होगा।

वेबसाइट पर पहुंचते ही बिना लागइन किए ही सभी जरूरी जानकारियां हासिल कर सकेंगे। आइआरसीटीसी के पीआरओ सिद्धार्थ सिंह के अनुसार न्यू जेनरेशन टिकटिंग सिस्टम लागू कर दिया गया है। यूजर्स से फीडबैक और सुझाव भी लिए जा रहे हैं। इससे खामियों को दुरुस्त करने में मदद मिलेगी।

(Input Vishal Sharma)

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