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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) रविवार को आयोजित हुई। शहर में 59 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा हुई। लखनऊ में इस बार 33 हजार परीक्षार्थी पंजीकृत थे लेकिन परीक्षा में करीब 80 फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए। बदले हुए परीक्षा पैटर्न से अभ्यर्थियों में खुशी दिखाई दी। हालांकि समय की कमी से कुछ अभ्यर्थी परेशान भी हुए।
नेट की परीक्षा में अब तीन पेपर होते थे। पहला पेपर कॉमन टीचिंग एबिलिटी का होता था जबकि दो अन्य पेपर सब्जेक्टिव होते थे। यूजीसी ने इस बार इस पैटर्न को बदलकर तीन की जगह सिर्फ पेपर ही करवाए। जिसमें एक टीचिंग एबिलिटी व दूसरा अभ्यर्थियों के विषय से संबंधित। पहले प्रश्न पत्र में 50 प्रश्न पत्र थे। जबकि दूसरे में सौ प्रश्न पूछे गए।

सिलेबस से आए पूछे गए सवाल 
अलग-अलग अभ्यर्थियों का कहना था कि जो भी प्रश्न पूछे गए वह सिलेबस से ही थी। हालांकि एक घंटे में 50 व दो घंटे में 100 प्रश्न हल करने में थोड़ा समय कम पड़ गया, क्योंकि पिछली बार पहले पेपर को हल करने के लिए 75 मिनट का समय दिया गया था। कुलमिलाकर अधिकतर अभ्यर्थियों ने पिछली बार की नेट की परीक्षा से इस परीक्षा को आसान बताया। यही वजह है कि जानकारों का मानना है कि इस बार इसकी मेरिट थोड़ी अधिक जाएगी।

अभ्यर्थियों की संख्या में हुआ इजाफा 
इस बार नेट की परीक्षा में अभ्यर्थियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। पिछले साल नवंबर जो परीक्षा आयोजित हुई थी उसमें 27 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जबकि इस बार राजधानी में 33 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इस वजह से इस बार नौ अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पिछली बार 50 परीक्षा केंद्र थे वहीं रविवार को 59 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा हुई।

अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी कराएगी नेट की परीक्षा
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) पिछले कई वर्षों से नेट की परीक्षा आयोजित कर रहा था लेकिन इस बार यह सीबीएसई की आखिरी परीक्षा हुई। अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय(एमएचआरडी) ने नेट की परीक्षा के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का गठन कर दिया है। अब सभी प्रतियोगी परीक्षाएं यही एजेंसी आयोजित कराएगी। दिसबंर में होने वाली नेट की परीक्षा भी टेस्टिंग एजेंसी ही कराएगी।

Input soniya

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