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सिकंदराराऊ : वरिष्ठ समाजसेवी एवं नगर पालिका सभासद फहीम अंसारी ने रमजान के पाक महीने पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुस्लिम धर्म में रमजान का महीना बेहद खास है। रमजान का महीना हर मुसलमान के लिए खास है। रमजान के महीने में रोजा रखना फर्ज है। सभासद फहीम अंसारी ने बताया कि रमजान इस्लामी कलेंडर का नवां महीना है जिसमें पूरे माह अल्लाह की इबादत की जाती है। ये वो महीना है जिसमें इंसान झूट, फरेब और धोखे से दूर रहता है। पांच वक्त की पाबंदी से नमाज पढ़ता है, 30 रोजे. रखता है और इस्लाम धर्म के एक और पिलर यानि जकात देता है। माना जाता है कि खुद को पाक करने का महीना है रमजान।
इस्लाम की बुनियाद पांच स्तंभों पर टिकी है जिसमें तौहीद, नमाज, रोजा, जकात और हज शामिल हैं। इस्लाम के इन 5 पिलर को अरकान-ए-इस्लाम और अरकान- ए-दीन भी कहा जाता है। इस्लाम धर्म के मुताबिक हर मुसलमान को तमाम उम्र इन 5 पिलर को अपनी जिंदगी का आधार मानकर चलना चाहिए। माना जाता है कि इस पूरे महीने की इबादत आपको अल्लाह के करीब लेकर जाती है। पूरे साल किए गए गुनाहों को खुदा से माफ करानें का महीना है माहे-रमजानं। रमजान में रोजा रखना, रोजेदार की कंदर करना, रोजेदार का एहतिराम करना भी अल्लाह ने इबादत बताया है। वही गरीबों की मदद करना जकात खैरात से कपड़े से खाने पीने की चीजों से बहुत बड़ा शबाब का काम है l कलम शहादत नमाज का पढ़ना साल में एक बार एक माह रोजे रखना हर मुसलमान का फर्ज है। जकात हज मालदों पर फर्जी है l

INPUT – VINAY CHATURVEDI

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