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हम आपको बता दें कि निर्जला एकादशी का व्रत सभी व्रत में उत्तम व्रत है ज्येष्ठ माह में निर्जला एकादशी का व्रत किया जाता है निर्जला एकादशी का व्रत सबसे पहले भीमसेन ने आरंभ किया था इस व्रत को करने से सभी एकादशियों का फल प्राप्त होता है एकादशी तिथि पर श्री हरि मां लक्ष्मी की पूजा करने का विधान है निर्जला एकादशी का व्रत करने से श्री हरि भगवान खुश होते हैं और घर में खुशियों का आगमन होता है
निर्जला एकादशी पूजा विधि निर्जला एकादशी के दिन सुबह उठकर स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें मंदिर की साफ सफाई कर गंगाजल का छिड़काव करें चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर श्री हरि विष्णु माता लक्ष्मी की मूर्ति विराजमान करें अब उन्हें पीले रंग की पुष्प और चंदन समर्पित करें माता लक्ष्मी जी को श्रृंगार की चीजे चढ़ाये देसी घी का दीपक जलाएं और श्री हरि विष्णु माता लक्ष्मी जी का ध्यान करें अंत में प्रभु जी को केला और केला आदि चीजे चढ़ाकर भोग लगाये और अगले दिन पूजा-पाठ कर अपना व्रत खोलें ।।

INPUT – YATENDRA PRATAP 

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