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हाथरस। जनपद में मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रही संस्था एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (ADHR) द्वारा एक अज्ञात महिला के शव का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर मानवता की मिसाल पेश की गई।
जानकारी के अनुसार 8 मार्च 2026 को सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत नसीरपुर बंबा (अंडरपास) के पास पानी में एक महिला का सड़ा-गला शव बरामद हुआ था। शव की हालत काफी खराब थी और उसकी उम्र लगभग 32 वर्ष बताई जा रही थी। पुलिस ने शव की पहचान कराने के लिए करीब 72 घंटे तक शिनाख्त का प्रयास किया, लेकिन कोई पहचान सामने नहीं आ सकी।
इसके बाद पुलिस द्वारा शव को लावारिस घोषित कर पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने समाजसेवी सुनीत आर्य और प्रवीन वार्ष्णेय से अंतिम संस्कार कराने का अनुरोध किया।
समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में एडीएचआर संस्था की देखरेख में अज्ञात महिला के शव का हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार दाह संस्कार किया गया। इस कार्य में एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल का भी पूर्ण सहयोग रहा।
अंतिम संस्कार के दौरान प्रवीन वार्ष्णेय (राष्ट्रीय महासचिव, ADHR), समाजसेवी सुनीत आर्य, एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, आयोग दीपक, बंटी भाई कपड़े वाले, नीरज गोयल, तरुण राघव, कांस्टेबल दीपक चौधरी तथा महिला कांस्टेबल मिथिलेश कुमारी सहित कई लोग मौजूद रहे।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि एडीएचआर द्वारा लगातार अज्ञात और लावारिस शवों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार कर मानवता की सेवा का कार्य किया जा रहा है, ताकि किसी भी व्यक्ति का अंतिम संस्कार बिना सम्मान के न रहे।










