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हाथरस : जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विवेक उपाध्याय ने सासनी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि तीन दिन दिल्ली में रहने के बाद वह बीती रात अपने घर वापस लौट आए थे, लेकिन आज सुबह करीब 6 बजे सासनी कोतवाली पुलिस उनके आवास पर पहुंची और उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। विवेक उपाध्याय ने SP हाथरस से सवाल करते हुए कहा कि “जब मैं दिल्ली से वापस आ चुका हूं, तो अब मुझे हाउस अरेस्ट करने का क्या औचित्य है? दिल्ली में मुझे कांग्रेस सांसद एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष श्री इमरान मसूद जी के साथ हौज खास थाने में गिरफ्तार किया जा चुका है। फिर हाथरस लौटने के बाद मुझे घर में रोकने की जरूरत क्यों पड़ रही है?” उन्होंने कहा कि मेरे भी निजी, पारिवारिक और सामाजिक दायित्व हैं। मुझे भी अपने जरूरी कामों से कहीं आना-जाना पड़ता है। आखिर बिना स्पष्ट कारण बताए इस तरह घर पर पुलिस भेजकर रोकना कहां तक उचित है? क्या विपक्ष का नेता होने के कारण मुझे अपनी सामान्य दिनचर्या और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से भी समझौता करना पड़ेगा? विवेक उपाध्याय ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना विपक्ष का अधिकार है। यदि पुलिस प्रशासन को कोई आपत्ति या आवश्यकता है, तो उसे कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए उसका स्पष्ट आधार बताना चाहिए। किसी व्यक्ति को उसके घर पर रोकने की कार्रवाई का औचित्य भी स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने SP हाथरस से मांग की कि पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लिया जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि दिल्ली से लौटने के बाद उन्हें किस आदेश और किस आधार पर हाउस अरेस्ट किया गया है। विवेक उपाध्याय ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और शांतिपूर्ण विरोध करना अपराध नहीं है। पुलिस प्रशासन को कानून का पालन करते हुए नागरिकों के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए।

INPUT – AMIT SHARMA