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हाथरस जनपद में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को लेकर बुधवार को मथुरा रोड स्थित सेलिब्रेशन होटल एवं रेस्टोरेंट में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। सुबह 9:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित इस कार्यशाला में राज्य स्तरीय ABDM टीम ने प्रतिभाग कर अधिकारियों एवं चिकित्सकों को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था के महत्व और इसके प्रभावी संचालन की विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी पी.एन. दीक्षित, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वेद प्रकाश, बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सूर्य प्रकाश, जिला महिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश मोहन सक्सेना तथा आईएमए सचिव डॉ. भरत यादव सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं चिकित्सक मौजूद रहे। राज्य स्तरीय टीम से डिवीजनल कोऑर्डिनेटर प्रसाद एवं ABDM स्पेशलिस्ट राहुल त्रिपाठी ने मिशन की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी चतुर सिंह ने किया। कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य संस्थानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय को मॉडल डिस्ट्रिक के रूप में चुने जाने पर डॉ. सूर्य प्रकाश, नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सादाबाद में 100 प्रतिशत आभा बेस्ड ओपीडी करने पर डॉ. जुनैद, सहपऊ में 98 प्रतिशत ऑनलाइन ओपीडी करने पर डॉ. प्रकाश मोहन तथा निजी क्षेत्र से एबीजी हॉस्पिटल के डायरेक्टर को सम्मानित किया गया। इसके अलावा ABDM के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रभारी चिकित्साधिकारियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यशाला में जनपद की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि हाथरस की लगभग 18.74 लाख अनुमानित आबादी में से करीब 14 लाख 10 हजार नागरिकों की आभा (ABHA) आईडी बनाई जा चुकी हैं, जो लगभग 75 प्रतिशत है। वहीं जनपद की सभी 293 राजकीय स्वास्थ्य इकाइयों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) पर शत-प्रतिशत पंजीकरण पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त 16 प्रमुख अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ई-हॉस्पिटल और ई-सुश्रुत जैसी डिजिटल व्यवस्थाएं संचालित हैं। कार्यशाला में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के आपसी समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आभा आईडी को मरीज के उपचार से जोड़ने पर जांच, इलाज और डिस्चार्ज तक का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे मरीजों को पुराने मेडिकल रिकॉर्ड साथ लेकर चलने की परेशानी से राहत मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता एवं सुगमता बढ़ेगी। निजी अस्पतालों की सहभागिता को लेकर बताया गया कि जनपद के कुल 489 निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों में से अभी तक 352 का ही HFR पर पंजीकरण हुआ है, जो लगभग 72 प्रतिशत है। शेष निजी अस्पतालों एवं नर्सिंग होम संचालकों से जल्द पंजीकरण पूरा कराने और ABDM के अनुरूप सॉफ्टवेयर अपनाने की अपील की गई। कार्यशाला के अंत में प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक सादाबाद डॉ. दानवीर सिंह ने सभी अधिकारियों एवं चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया। साथ ही सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के आपसी समन्वय से डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने तथा हाथरस को डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश का अग्रणी जनपद बनाने का आह्वान किया।

INPUT – RAHUL SHARMA