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नालंदा वसंत उत्सव में कवियों ने जमायी महफिल,रचनाओं पर जमकर लगे ठहाके
– बिहारशरीफ के हिरण्य पर्वत पर आयोजित द्वितीय “वसंत साहित्य उत्सव” में जिले ही नहीं बल्कि अन्य क्षेत्रों के साहित्यकार,कवि व गीतकारों हिस्सा लेकर इस उत्सव को यादगार बना दिया गया | कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉक्टर हरीशचंद्र प्रियदर्शी द्वारा किया गया | जबकि संचालन ग़ज़लकार नवनीत कृष्ण ने किया। इस उत्सव में कई रंग देखने को मिले। युवा कवियों व साहित्यकारों ने जहां वसंत को नवजीवन का चाबी और सृष्टि का उद्गम बताया तो कई कवियों ने समाज के बाल विवाह, नशाखोरी तथा दहेज पर करारा प्रहार भी किया। वसंत उत्सव के मौके पर कई कवियों ने होली गीत भी गाए।पटना के आईपीआरडी निदेशक लाल बाबू सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि साहित्य या कविता सिर्फ एक रचना मात्र नहीं है बल्कि समाज को सच्चा आईना दिखाने वाला कवि व साहित्यकार की रचना है। जहां फुर्सत के दो पल को हंसी खुशी बिताने से लेकर समाज के दर्द व हकीकत को समझने का मौका लोगों को मिलता है। यही साहित्य इतिहास की धरोहर बनती है। उन्होंने कहा कि कवि हंसने का जरिया है, तो समाज को समझने का एक अस्त्र भी हैं।इस मौके पर बिहार सरकार आप्त सचिव सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि वसंत प्रकृति का अनमोल उपहार है, अप्रतिम श्रृंगार है, इसके दिव्य संदेश सुनने की आवश्यकता है। इसके उल्लास का अनुभव करने की आवशयकताहै।उन्होंने कहा कि मनमोहक एवं मानवीय भावों से सजे प्रकृति की गोद में फूलों के खिलखिलाने का नाम वसंत है। कार्यक्रम की शुरुआत ग़ज़लकार नवनीत कृष्ण ने सरस्वती वंदना से किया। इसके बाद नालन्दा गान के रचयिता कुमार राकेश ऋतुराज ने नालन्दा गान का पाठ किया। कार्यक्रम के अंत में बिहारशरीफ के अनुमंडल पदाधिकारी ने कवियों व सहित्यकारों को इस वसंत साहित्य उत्सव के लिए सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि जब भी मेरी जरूरत हो हमें याद करें आपका कोई भी समस्या हो उसे मैं अपने स्तर से हल करने का काम करूंगा।इस अवसर पर नालन्दा आई कॉन आशुतोष कुमार मानव,कवि राकेश बिहारी शर्मा, मधुसूदन कुमार, कवि अर्जुन प्रसाद बादल, तुफ़ैल खां सूरी, समाजसेवी चन्द्रउदय कुमार, समाजसेवी रवि कुमार, मुकेश कुमार समाजसेवी परशुराम जी, डॉ प्रणय कुमार, गोपाल कृष्ण, निरंजन नारायण, गीतकार मुनेश्वर शमन, शायर यूसुफ फैजी, राहुल कुमार, उमेश बहादुरपूरी, फिल्मकार एसके अमृत, रामसागर राम,स्वाति कुमारी, कुमारी सुनीता, मधुलाल,आशिफ अली,अरुण पटेल, राजेश ठाकुर, सहित दर्जनों साहित्यकार समेत काफी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे

INPUT – Shubhum kumar

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