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मुरसान क्षेत्र के गांव ताजपुर  में चल रही श्रीमद् भागवत कथा  के पाँचवे दिन बुधवार को धूमधाम से श्री कृष्ण जन्मोत्सव में मनाया गया। भागवत कथा में भगवान के जन्मोत्सव को लेकर मंच को फूलों की माला और गुब्बारों से विशेष रूप से सजावट की गई। इस विशेष दिन को लेकर भक्तों की अच्छी भीड़ रही। कथावाचक श्री . योगेंद्र जी महाराज  ने भगवान श्री कृष्ण की जन्म कथा सुनाते हुए कहा कि बाल गोपाल का जन्म देवकी और वासुदेव के आठवें संतान के रूप में होता है।
देवकी व वासुदेव का अर्थ समझाते हुए कहा कि देवकी यानी जो देवताओं की होकर जीवन जीती है और वासुदेव का अर्थ है जिसमें देव तत्व का वास हो। ऐसे व्यक्ति अगर विपरीत परिस्थितियों की बेड़ियों में भी क्यों न जकड़े हो, भगवान को खोजने के लिए उन्हें कहीं जाना नहीं पड़ता है। बल्कि भगवान स्वयं आकर उसकी सारी बेड़ी-हथकड़ी को काटकर उसे संसार सागर से मुक्त करादिया करते हैं। योगेंद्र . महाराज जी  ने कहा कि हर मनुष्य के जीवन में छह शत्रु हैं, काम, क्रोध, मद, मोह, लोभ व अहंकार। जब हमारे अंदर के ये छह शत्रु समाप्त हो जाते हैं तो सातवें संतान के रूप में शेष जी जो काल के प्रतीक हैं वो काल फिर मनुष्य के जीवन में आना भी चाहे तो भगवान अपने योग माया से उस काल का रास्ता बदल देते हैं। तब आठवें संतान के रूप में भगवान श्री कृष्ण का अवतार होता है। जिसके जीवन में भगवान श्री कृष्ण की भक्ति आ गई तो ऐसा समझना चाहिए कि जीवन सफल हो गया। कथा के बीच में भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप की आकर्षक झांकी भी निकाली गई। श्री कृष्ण जन्मोत्सव के मौके पर पेश किए गए भजनों पर भक्त  झूमते हुए नजर आये ।इस मौके पर आयोजक देवेन्द्र सिंह , ब्रजमोहन ठेंनुआ पत्रकार, उत्तम सिंह , बिक्रम , ओमबीर सिंह , मोहरसिंह , तेजवीर सिंह, सरदार, दर्शन सिंह, रिंकू , सोनू ,नरेंद्र , चन्दपाल सिंह , प्रिंश सोनवीर आदि लोग मौजूद रहे
INPUT : Brijmohan thenua
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