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यूपी इन्वेस्टर्स समिट-2018 में उत्तर प्रदेश सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (एक जिला एक उत्पाद) योजना चर्चा के केंद्र में है. इस योजना के तहत यूपी सरकार ने करोड़ों रुपए के निवेश आकर्षित करने में सफलता हासिल कर ली है. इससे कई जिलों की सूरत बदल जाने की उम्मीद की जा रही है. खुद सीएम योगी ने बताया कि समिट में अब तक अब तक 4.28 लाख करोड़ रुपये के 1,045 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं. इन सभी निवेशों को जमीन पर उतारने के लिए वह खुद इन पर नजर रखेंगे.

यही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संबोधन में सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि यूपी की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्योगों- जिन्हें हम एमएसएमई कहते हैं, उनका बहुत बड़ा योगदान है. एग्रीकल्चर के बाद इसी सेक्टर में रोजगार के सबसे ज्यादा अवसर बनते हैं. मुझे ये जानकर खुशी है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस महत्वपूर्ण तथ्य को ध्यान में रखते हुए एक जिला-एक उत्पाद योजना शुरू की है.

एक जिला-एक उत्पाद योजना को केंद्र सरकार के स्किल इंडिया मिशन से, स्टैंड अप इंडिया-स्टार्ट अप इंडिया मिशन से अतिरिक्त लाभ प्रदान किया जाएगा. इसके अलावा सबसे बड़ा लाभ प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से मिलेगा. बता दें कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के तहत जिलों के उत्पाद को नया कलेवर देते हुए उनकी पैकेजिंग की जाएगी. ब्राड यूपी की सोच को राज्य से आगे देश और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाएगा.

जैसे आगरा, कानपुर, मेरठ शहर अपनी चमड़ा उद्योग या खेल उत्पाद आदि के कारण अपनी पहचान रखते हैं. इसी तरह से एटा का घुंघरू, घंटी भी अपनी पहचान बनाएगा. इलाहाबाद के अमरूद की तरह प्रतापगढ़ का आंवला भी पहचान बनाएगा. सरकार इस योजना के तहत पहले चयनित उत्पाद की उत्पादकता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धी सामथ्र्य के विकास पर एनालिसिस करेगी. इसमें संसाधनों की उपलब्धता और गैप पर ध्यान दिया जाएगा.

इसके बाद उत्पाद की मजबूती, कमजोरी, अवसर और चुनौतियों पर जो ​एनालिसिस आएगा, उस पर विकास की रणनीति तैयार की जाएगी. योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की डबटेलिंग, अंतरविभागीय समन्वय और नई योजनाएं बनाकर प्रदेश की जमीनी स्तर पर अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा. राज्य सरकार पर अपर आयुक्त उद्योग की अध्यक्षता में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट का गठन होगा. इसके अलावा तीन स्तर की अनुश्रवण समितियां इसका संचालन करेंगीं. इनमें जिला स्तर पर अध्यक्ष डीएम होंगे. प्रदेश स्तर पर प्रमुख सचिव एमएसएमई अध्यक्ष होंगे, वहीं शीर्ष स्तर पर आईआईडीसी अध्यक्ष होंगे.

प्रमुख शहर और चुने गए उत्पाद

आगरा — चमड़ा उत्पाद
फिरोजाबाद— ग्लास बैंगिल्स
मथुरा— बाथरूम फिटिंग्स
मैनपुरी— तारकशी
अलीगढ़— लॉक्स एंड हार्डवेयर
हाथरस— हींग प्रोसेसिंग
एटा— घुंघरू, घंटी
कासगंज— जरी जरदोजी
इलाहाबाद— अमरूद फ्रूट प्रोसेसिंग
प्रतापगढ़— आंवला फ्रूट प्रोसेसिंग
कौशाम्बी— केला फ्रूट प्रोसेसिंग
आजमगढ़— ब्लैक पाटरी
बलिया— बिंदी
मऊ— पावरलूम
बरेली— जरी वर्क
बदायूं— जरी वर्क
पीलीभीत— बांसुरी
शाहजहांपुर— जरी वर्क
संतकबीर नगर— पीतल के बर्तन
सिद्धार्थनगर— काला नमक चावल फूड प्रो​सेसिंग
चित्रकूट— लकड़ी के खिलौने
बांदा— सजर स्टोन क्राफ्ट
महोबा— गौरा स्टोन क्राफ्ट
हमीरपुर— जूती
गोंडा— दाल फूड प्रो​सेसिंग
बहराइच— गेंहू के डंठल की कलाकृतियां
बलरामपुर— दाल फूड प्रो​सेसिंग
फैजाबाद— गुड़ एवं जेगरी उत्पाद
बाराबंकी— स्टोल दुपट्टा
अम्बेडकरनगर— पावरलूम
अमेठी— बिस्कुट
सुलतानपुर— मूंज के बने फर्नीचर
गोरखपुर — टेराकोटा
कुशीनगर— काष्ठ कलाकृतियां
देवरिया— प्लास्टिक के तोरण द्वार
महाराजगंज— फर्नीचर
झांसी— सॉफ्ट ट्वायज
जालौन — हैंडमेड पेपर
ललितपुर— कृष्ण की मूर्ति
कानपुर नगर— चमड़ा उत्पाद
इटावा— आलू के उत्पाद फूड प्रो​सेसिंग
औरैया — देसी घी
फर्रुखाबाद— ब्लॉक प्रिंटिंग
कन्नौज— इत्र
लखनऊ— लखनवी इम्ब्रॉयडरी
उन्नाव— जरी
रायबरेली— वुड क्राफ्ट्स
सीतापुर— दरी
लखीमपुर खीरी— ट्राइबल क्राफ्ट
हरदोई— डेरी उत्पाद
मेरठ— स्पोट्र्स गुड्स
बागपत— हैंडलूम
गाजियाबाद— इंजीनियरिंग गुड्स
बुलंदशहर— पॉटरी
गौतमबुद्धनगर — रेडीमेड गारमेंट्स
हापुड़— होम फर्निशिंग
मुरादाबाद— मेटल क्राफ्ट
रामपुर— पैचवर्क
बिजनौर— वुडेन आर्टवेयर

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