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पर्यावरण संरक्षण के लिए एक दूल्हे ने अनोखी पहल की। दूल्हा, दुल्हन के दरवाजे बैंड बाजा बारात लेकर कार से नहीं, बल्कि बिना किसी शोर-शराबे के साधारण साइकल से पहुंचा। दूल्हे के साथ ही सारे बाराती भी साइकल से ही बारात में शामिल होने पहुंचे। यह नायाब पहल की उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले जावेंद्र कुमार ने।

इलाहाबाद के रहने वाले जवाहरलाल के बेटे जावेंद्र की शादी अलावलपुर सोरांव के निवासी भोला की बेटी चंदा देवी से तय हुई। 15 अप्रैल को दोनों की शादी होनी थी। रात में शादी करने की बजाए विवाह का आयोजन दिन में रखा गया। दूल्हा कई बारातियों के साथ पूरेखरगराय से इब्राहिमपुर तक साइकल चलाकर पहुंचा। इस अनोखी बारात को कैमरे में कैद करने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। लोग मोबाइल से तस्वीरें खींचते और विडियो बनाते दिखे। लोगों ने दूल्हे की पर्यावरण के लिए कई गई इस पहल की प्रशंसा भी की।

दूल्हे को इस बारात की प्रेरणा पर्यावरण के लिए काम करने वाले कार्यकर्ता अजय क्रांतिकारी से मिली। उन्होंने जावेंद्र और उसके परिवार को इस पहल के लिए मनाया। अजय ने बताया कि जावेंद्र के परिवार को इस तरह की बारात निकालने के लिए मनाने में पंद्रह दिन का समय लगा। उन्होंने पर्यावरण सेना की तरफ से दूल्हे को एक नई साइकल भी गिफ्ट की।

उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल के लिए हर युवाओं को आगे आना चाहिए। हर एक व्यक्ति के प्रयास से ही हमारा पर्यावरण सुरक्षित हो सकता है।

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