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सासनी :  18 दिसंबर। कहते हैं कि सात वर्ष तक यदि व्यक्ति का पता न चले तो सरकार भी उसे मृत मान लेती है, मगर मांता पिता का आर्शीवाद और शुभचिंतकों की दुआ मिल जाए तो असंभव कार्र भी संभव हो जाता है, इसे हम कुदरत का करिश्मा कहें या माता पिता का ईश्वर मंे अटूट विश्वास जिसका नतीजा बीस साल बाद आया। गांव मुहरिया के माता पिता का बेटा बीस वर्ष पूर्व गायब हो गया और जब लौटा तो खुशी से सभी की आंखों में आंसू छलक उठे।
बता दे सासनी तहसील के गांव मुहरिया निवासी जानकी प्रसाद का पुत्र राजपाल सिंह मंदबुद्धि होने के कारण करीब बीस वर्ष पूर्व गांव से गायब हो गया था। जिसकी गुमशुदगी पिता जानकी प्रसाद ने कोतवाली सासनी में दर्ज करायी थी। मगर पुलिस राजपाल को नहीं ढूंढ पाई और इतना समय बीत जाने के कारण फाइल बंद कर दी गई। मगर गांव की एक बेटी ने जो कि गाजियाबाद में अपने परिवार के साथ रहती है, उसने राजपाल बदरपुर बॉर्डर के पास देखा, तो उसे पहचान लिया। और उसका नाम पूछा मगर राजपाल ने अपना नाम मुस्लिम तरीके से बताया तो वह कुछ चैंकी मगर हिम्मत दिखाते हुए उस बेटी ने राजपाल के परिजनांे को सूचित किया। राजपाल के परिजन कोतवाली पुलिस को लेकर जब बदरपुर बाॅडर के पास पहुंचे तो वहां बताए स्थान पर राजपाल काम करता दिखाई दिया। जहां उसे एक आसिफ नाम के मुस्लिम व्यक्ति ने अपने यहां पनाह दे रखी थी। और जानकारी न होने के कारण उसका नाम भी बदलकर मुस्लिम समुदाय का ही रख दिया था। सासनी पुलिस को अपने साथ लेकर राजपाल को अपने साथ ले आये। राजपाल के गाँव मे पहुँचते ही उसको देखने वालों की भीड़ जुट गई और सभी की आखों में खुशी के आंसू छलक आए। समाचार लिखे जाने तक राजपाल को देखने वालों की भीड जुटी हुई थी।

input : avid hussain

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