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गांधी तेरे देश का,
         ये कैसा है हाल।
माल खाकर गरीब का,
             ये हो रहे मालामाल।
कि गांधीजी वापस आओ,
          आकर हमें बचाओ।
हत्या करते चोरी करते,
         और करें उत्पात।
इससे भी इनका दिल ना भरे,
                  देते गुंडों का साथ।
 कि बापू हमें बचाओ,
              इनसे आज़ाद कराओ।
संसद में ये ऐसे डोलें,
          जैसे बब्बर शेर,
कुर्शी मेज और माइक के।
          इन्हें प्यारे लागें खेल
कि बापू हमें बचाओ,
   अब हमें इनसे आज़ाद कराओ।
लेखक- रामगोपाल सिंह

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