Visitors have accessed this post 33 times.
हाथरस जिले के मुरसान कस्बे में निजी स्कूलों द्वारा किताबों को लेकर मनमानी वसूली का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कई निजी स्कूल एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू नहीं कर रहे हैं और महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य कर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि मुरसान के कई बुक सेलर्स और निजी स्कूलों के बीच मिलीभगत से तय दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव बनाया जाता है। मुरसान मंडी फाटक, रामलीला मैदान सहित कई दुकानों पर अभिभावकों से अधिक कीमत वसूलने के आरोप भी सामने आए हैं। इसी मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। नायब तहसीलदार प्रतीक्षा सिंह और एबीएसए की टीम ने मुरसान के एक निजी स्कूल में छापेमार कार्रवाई की, जिससे स्कूल प्रबंधन और बुक सेलर्स में हड़कंप मच गया। टीम ने समय रोड स्थित एक बुक सेलर की दुकान पर भी जांच की और वहां से एक निजी स्कूल की किताबों को जांच के लिए अपने साथ ले गई। नायब तहसीलदार प्रतीक्षा सिंह ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। स्कूलों और किताब सप्लाई करने वाली दुकानों के कोर्स की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से अभिभावकों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगेगी और बच्चों को सस्ती व मानक पाठ्य सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।
INPUT – VIRENDRA SHARMA











