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पुरदिलनगर : सरस्वती विद्या मन्दिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, में आयोजित पुनश्चर्या प्रशिक्षण वर्ग के अंतर्गत बुधवार को वैचारिक सत्र का आयोजन किया गया। प्रातः 8:30 बजे से 10:00 बजे तक चले इस सत्र में बालक के सर्वांगीण विकास एवं पंचकोशात्मक शिक्षा पद्धति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। कार्यक्रम में शिक्षा के भारतीय स्वरूप और संस्कार आधारित शिक्षण पद्धति को लेकर शिक्षकों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में श्रीमान कृष्ण गोपाल द्विवेदी, श्रीमान सतीश चंद समर्थ, जिला मंत्री जन शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश श्रीमान राजवीर सिंह तथा सरस्वती विद्या मन्दिर के कोषाध्यक्ष श्रीमान सुरेश चन्द्र आर्य की विशेष उपस्थिति रही। सत्र के मुख्य वक्ता एवं प्रस्तोता श्रीमान अशोक कुमार शर्मा ने “बालक के विकास की हमारी संकल्पना एवं पंचकोशात्मक विकास” विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि भारतीय शिक्षा पद्धति केवल बौद्धिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि शारीरिक, मानसिक, प्राणिक, वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक विकास को भी समान महत्व देती है। उन्होंने अन्नमय कोश के अंतर्गत शारीरिक शिक्षा, प्राणमय कोश में योग एवं प्राणायाम, मनोमय कोश में संगीत शिक्षा तथा विज्ञानमय कोश में संस्कृत शिक्षा की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। साथ ही स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और फास्ट फूड के दुष्प्रभावों से बचने के लिए भी प्रेरित किया गया। सत्र के दौरान उपस्थित आचार्यों ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक रहा। इस अवसर पर प्रदेश निरीक्षक देवेंद्र यादव, संदीप मिश्रा, यशपाल सिंह, कमलप्रकाश द्विवेदी, विचित्रपाल, महेन्द्र पाल, पत्रकार पुष्पकांत शर्मा, राजन सिंह, राकेश कुमार, शिशुपाल सिंह, हरपाल सिंह, विक्रम सिंह, अनिल कुमार, प्रवीन कुमार सहित अनेक आचार्य एवं जिला निरीक्षक उपस्थित रहे।

INPUT – PUSHPAKAN SHARMA











