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सादाबाद : ऑनलाइन रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में सादाबाद तहसील परिसर स्थित उप निबंधक कार्यालय के बाहर दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता और अधिवक्ताओं का धरना शनिवार को 18वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नई ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रणाली को तत्काल वापस लेने की मांग की। धरने पर बैठे दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं का कहना है कि नई फ्रंट ऑफिस प्रणाली लागू होने से उनकी वर्षों पुरानी भूमिका समाप्त हो जाएगी, जिससे उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि दस्तावेज लेखन ही उनका मुख्य रोजगार है और नई व्यवस्था लागू होने से हजारों परिवार प्रभावित होंगे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक नियमावली-1977 में तत्काल संशोधन करने की मांग की। उनका कहना है कि पंजीकृत दस्तावेज लेखकों को नए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर अधिकृत यूजर के रूप में शामिल किया जाए, ताकि उनकी सेवाओं का उपयोग जारी रह सके और आम लोगों को भी सुविधा मिलती रहे। उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार दस्तावेज लेखकों को नई तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराए तथा बायोमेट्रिक मशीन खरीदने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करे, जिससे ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने में उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक संघ के पूर्व सहायक लेखा परीक्षक श्यामसुंदर गिरी, अध्यक्ष राजकुमार दीक्षित, तेज बहादुर सिंह, मनु जायसवाल, संजय जायसवाल, शंकर लाल गोला, हजारीलाल सक्सेना, विश्वेन्द्र प्रताप सिंह, बहादुर सिंह, विनोद कुमार, संजय कुलश्रेष्ठ, देवेंद्र सिंह, ललित पाराशर सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता एवं अधिवक्ता मौजूद रहे।

INPUT – KANHAIYA LAL