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पुरदिलनगर : सरस्वती विद्या मन्दिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पुरदिलनगर में शुक्रवार (17 जुलाई 2026) को संकुल स्तरीय शिशुवाटिका प्रशिक्षण वर्ग का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में संकुल के आठ विद्यालयों से आए शिशुवाटिका आचार्य एवं आचार्याओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों को प्रभावी बनाना तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप शिक्षकों की कार्यकुशलता को सुदृढ़ करना था।कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रशिक्षक श्रीमती ऊषा पुन्ढीर ने माँ सरस्वती एवं भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन तथा दीप प्रज्वलन के साथ किया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान शिशुवाटिका शिक्षण की 12 व्यवस्थाओं, बाल-केंद्रित गतिविधियों, गीत, खेल, कहानी, संस्कार निर्माण और प्रभावी शिक्षण तकनीकों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही व्यवहारिक एवं क्रियात्मक प्रदर्शन के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को भी समझाया गया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य हरीशंकर शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि शिशुवाटिका शिक्षा बालक के व्यक्तित्व निर्माण की मजबूत नींव होती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यालयों में संस्कारयुक्त, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी शिक्षण वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।समापन सत्र में प्रधानाचार्य ने सभी प्रतिभागियों एवं प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त किया और प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान एवं अनुभवों को अपने-अपने विद्यालयों में व्यवहारिक रूप से लागू करने का आह्वान किया। इस अवसर पर राकेश कुमार, राजन सिंह, शिशुपाल सिंह, हरपाल सिंह, राजवीर शर्मा, प्रवीन कुमार सहित संकुल के अनेक आचार्य एवं आचार्याएं उपस्थित रहे।

INPUT – PUSHPAKANT SHARMA