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हाथरस : वात्सल्य ग्राम में पूज्य साध्वी ऋतंभरा जी (दीदी माँ) से आत्मीय भेंट के दौरान हाथरस की बहनों ने गौमय उत्पादों से निर्मित 1100 राखियां भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। यह पहल गौमाता के संरक्षण, स्वदेशी उत्पादों के प्रोत्साहन और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई। इस अवसर पर साध्वी ऋतंभरा जी ने बहनों के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गौसेवा, मातृशक्ति और प्रकृति संरक्षण का विशेष महत्व है। उन्होंने सभी बहनों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए ऐसे प्रयासों को निरंतर जारी रखने का आह्वान किया। गौमय उत्पादों से तैयार की गई इन राखियों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने तथा स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में शामिल बहनों ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी गौमाता के संरक्षण, गौमय उत्पादों के प्रचार-प्रसार और भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी। इस पुनीत कार्य को सफल बनाने में दीप्ति वार्ष्णेय, रूही जैन, मोहिता पोद्दार, पवन पचौरी, मधुराज शर्मा एवं रितु वार्ष्णेय का विशेष सहयोग रहा। उपस्थित सभी लोगों ने इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए इसकी सराहना की। यह भेंट केवल राखियों का आदान-प्रदान नहीं, बल्कि गौसेवा, मातृशक्ति और भारतीय संस्कारों के प्रति श्रद्धा, समर्पण और जागरूकता का एक भावपूर्ण संदेश है।

INPUT – AMIT SHARMA











