सिकंदराराऊ :

पति की दीर्घायु के लिए सुहागिन महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर वटवृक्ष की पूजा अर्चना की । महिलाओं ने इस पर्व को लॉक डाउन के चलते हुए अपने घरों में ही मनाया। महिलाओं ने पूजन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा । यह व्रत जेष्ठ माह की अमावस्या को ही मनाया जाता है। हिन्दू धर्म की महिलाओं के लिए वट सावित्री व्रत विशेष महत्व रखता है । मान्यता है कि इस व्रत को रखने से पति पर आए संकट दूर होकर उसकी आयु लम्बी हो जाती है। वही इस व्रत को रखने से दांपत्य जीवन के कष्ट भी दूर हो जाते है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु एवं सुखद वैवाहिक जीवन की कामना के लिए वट बरगद के पेड़ की पूजा अर्चना करती है। इस व्रत का महत्व है कि सती सावित्री वट व्रक्ष के नीचे से यमराज से अपने पति के प्राण वापस लेकर आई थी। उसी दिन से हिन्दू धर्म में यह मान्यता हो गई । सुहागिन महिला इस व्रत को निर्जल रहकर जेष्ठ माह की अमावस्या को करती है । यमराज का आशीष उसके पति पर बना रहता है। यह माना जाता है कि बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर पूजा करने से समस्त मनोकामना पूर्ण होती है।

INPUT – अनूप शर्मा

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