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सिकंदराराऊ :  राशन वितरण प्रणाली में धांधली को लेकर आंदोलनरत कर्मयोग सेवा संघ के कल से प्रस्तावित द्वितीय चरण के धरने को लेकर आज प्रशासन और राशन डीलरों में अफरा तफरी का माहौल देखा गया। सुबह से ही राशन डीलर समूह बनाकर तहसील पर इकट्ठा हो गए और अपनी मशीनों को जमाकर दुकानें छोड़ने की बात कहते नजर आए। प्रशासन और खाद्यान्न विभाग के अधिकारियों के साथ राशन डीलरों की लम्बी मीटिंग चली। उसके बाद प्रशासन ने कर्मयोग सेवा संघ के पदाधिकारियों को बैठक के लिए बुलाया। कर्मयोग सेवा संघ के अध्यक्ष विवेकशील राघव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं और कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उपजिलाधिकारी और खाद्यान्न विभाग के अधिकारियों से मिला। बैठक के दौरान संगठन और अधिकारियों के बीच काफी नौकझौंक हुई। इस दौरान कर्मयोग सेवा संघ के संस्थापक अध्यक्ष विवेकशील राघव ने प्रशासनिक कार्यवाहियों को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन और खाद्यान्न अधिकारियों की मिलीभगत से पूरे क्षेत्र में राशन घोटाले किए जा रहे हैं। अधिकारियों द्वारा अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया जा रहा है। जनकल्याण को प्रतिबद्ध सरकार की खिल्ली उड़ाई जा रही है। माफियाओं के हौसले इतने बढ़े हुए हैं कि वे खाद्यान्न विभाग के सामने ही शिकायतकर्ताओं को धमकी देने का दुस्साहस कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी संदेहास्पद होती जा रही है।
चर्चा के बाद उपजिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि 26 जुलाई तक जांच पूरी कर कार्यवाही की जाएगी।
इस पर विवेकशील राघव ने कहा कि यदि जांच और कार्यवाही संतोषजनक नहीं हुई तो संगठन 27 से फिर आंदोलन को बाध्य होगा और अब यह आंदोलन आमरण अनशन के रूप में किया जाएगा।
इस दौरान प्रमुख रूप से देवेंद्र दीक्षित शूल, बलवीर सिंह पौरुष, हिमांशु दीक्षित, गजेंद्र सिंह चक, अरुण दीक्षित, हरिओम वर्मा, लाखन सिंह, शोभित गर्ग, रजत वर्मा, रनवीर सिंह यादव आदि उपस्थित रहे।

(अनूप शर्मा)