Visitors have accessed this post 431 times.

जलेसर :  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त एवं जीरो टॉलरेंस के दावे करने वाली सरकार के ही पदाधिकारियों द्वारा वादों के, ठीक विपरीत किया जा रहा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा। आपको अवगत कराते चलें कि जलेसर में तोप चौराहे के निकट आगरा रोड पर एक हजार मीटर आगे दिनांक 28-072009 में जलेसर देहात के अंतर्गत 17 आवासीय प्लॉटों हेतु आवंटन की पत्रावली की गई थी स्वीकृत।

उपरोक्त पत्रावली पर एतराज उठाते हुए तालेवर सिंह बौद्ध निवासी नगला मदारी मजरा जलेसर देहात द्वारा माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को दिया गया था शिकायत प्रार्थना पत्र।

उपरोक्त शिकायतकर्ता तालेवर सिंह बौद्ध के शिकायती प्रार्थना पत्र को मुख्यमंत्री द्वारा संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके की एवं पत्रावली की जांच कर कार्यवाही के किए गए थे आदेश।

उपरोक्त पत्रावली में क्रमांक 3 पर मौजूद मुन्नी देवी पत्नी स्वर्गीय सुनहरी लाल निवासी अवागढ़ के पति थे सरकारी कर्मचारी सुनहरी लाल की मृत्यु होने के उपरांत मुन्नी देवी को मिलने लगी पेंशन एवं पुत्र रवेंद्र सिंह को मिलचुकी है एसडीएम जलेसर कार्यालय में स्टेनो पद पर सरकारी नोकरी जो हाल निवासी तहसील कंपाउंड जलेसर ने अपनी माँ के नाम पट्टे को दिनांक 23-09 2009 को सरेंडर करने हेतु दिया गया था प्रार्थना पत्र।

कार्यालय उप जिला अधिकारी जलेसर के पत्र संख्या 3552/ 29-09-2009 के द्वारा उप जिला अधिकारी जलेसर द्वारा पट्टे को किया गया था निरस्त जिसके निरस्त होने की एक प्रति भेजी गई जिलाधिकारी कार्यालय एटा।

साथ ही उपरोक्त पत्रावली को निरस्त करने का आदेश स्वीकार करते हुए अपर जिला अधिकारी प्रशासन ने एटा के पत्र संख्या 1922/एस0टी0-जांच-09 दि0 07-09-2009 के द्वारा भी आदेश दिया जा चुका है कि मौजा जलेसर देहात तहसील जलेसर में अपात्रों को हुये पट्टों को किया जाए रिकाल। जिसके बाद उक्त पट्टे पर मुन्नी देवी का किसी भी प्रकार से मालिकाना हक बिक्री आदि का नहीं रह जाता तदोपरांत भी मुन्नी देवी के बेटा रवेंद्र सिंह वर्तमान में एसडीएम जलेसर के स्टेनो पद का दुरुपयोग करते हुए तानाशाही रवैया अपनाते करा रहा है अवैध निर्माण।

input : arvind yadav

यह भी पढ़े : मृत्यु से पहले होने वाले संकेत

अपने क्षेत्र की खबरों के लिए डाउनलोड करें TV30 INDIA एप

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.tv30ind1.webviewapp

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here