Visitors have accessed this post 43 times.

TV30 INDIA (रिपोर्ट-विकाश जौहरी): पपीता खाना हर किसी को पसंद होता है। इतना ही नहीं इसका सेवन करने से कई बीमारियों से निजात भी मिल जाता है, लेकिन अगर इसका सेवन एक लिमिट में किया गया हो।

पपीता में भरपूर मात्रा में विटामिन्स पाई जाती है। जो कि अन्य चीजों से 300 गुना अधिक होती है। इसके साथ-साथ  नियासिन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, प्रोटीन, कैरोटीन और प्राकृतिक फाइबर पाएं जाते है। जो कि आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद है, लेकिन क्या आप ये बात जानते हैं कि इसके भी साइड इफेक्ट होते है। जानिए क्या है।

रैशेज

कई बार आपने ध्य़ान नहीं दिया होगा अधिक पपीता का सेवन करने से आपके शरीर में रैशेज पड़ गए होगे, लेकिन आप सोचते होगे कि किसी ओर कारण से पड़े है। तो आपके बता दें कि पपीते में भारी मात्रा में मौजूद पपाइन नामक एंजाइम एंटीऑक्‍सीडेंट होने के साथ-साथ एंटी-एजिंग क्रीम का भी काम करता है। जरुरी नहीं कि यह आपकी स्किन के लिए ठीक हो।

हो सकता है गर्भपात
आपको एक बात बता दें कि अनचाहे गर्भ से निजात पाने के लिए कच्चा पपीता का इस्तेमाल किया जाता है। आप पके हुए पपीता का सेवन कर सकते है। इसमें पाया जाने वाला लैटेक्ट पदार्थ कभी-कभी हानिकारक साबित हो सकता है, क्योंकि इसका सेवन करने से आपका गर्भाशय सिकुड़ने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है। जिसके कारण गर्भपात या फिर समय से पहले प्रसव हो सकता है। जो कि बच्चे के लिए जानलेवा हो सकता है।

एलर्जी
पपीता में लैटेक्स नामक तत्व पाया जाता है। जो कि शरीर में एलर्जी का कारण भी बनता है। इसलिए इसका सेवन एक सीमित मात्रा में करें। जिससे आपकी किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

किडनी में स्टोन
एक पांच इंच लंबे पपीते में लगभग 60 मिलीग्राम विटामिन सी पाया जाता है। इसके अलावा इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट की मौजूदगी आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। कैंसर, हाइपरटेंशन, ब्‍लड वेसेल डिस्‍ऑर्डर से सुरक्षा करता है साथ असमय बुढापा आने से रोकता है। लेकिन अध्‍ययन से पता चलता है कि विटामिन सी के अत्‍यधिक सेवन से किडनी में पथरी की समस्‍या पैदा हो सकती है।

हो सकता है अस्थमा
पपीता में पपाइन और बीटा कैराटीन नामक पदार्थ पाएं जाते है। जो कि पीलिया और अस्थमा को जन्म दे सकते है। इसलिए पपीते का ज्यादा सेवन न करें।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here